पत्रकारों को घूस देने के आरोप में फंसी जम्मू – कश्मीर भाजपा

नोटों से भरे लिफाफे दिये जाने का मामला

Update: 2019-05-09 13:26 GMT

जम्मू – कश्मीर पुलिस ने इस आरोप पर संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज कर लिया है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष रवीन्द्र रैना के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने पिछले सप्ताह लद्दाख क्षेत्र में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों को रिश्वत दी.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “माननीय अदालत के निर्देश पर हमलोगों ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और छानबीन शुरू कर दी गयी है.” उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में “रिश्वतखोरी” की शिकायत करने वाले पत्रकार का बयान दर्ज किया जायेगा.

जम्मू – कश्मीर प्रदेश भाजपा उस समय विवादों के घेरे में आ गयी, जब लेह प्रेस क्लब ने 2 मई को लद्दाख की उपायुक्त अवनी लवासा के समक्ष यह शिकायत दर्ज करायी कि कुछ नेताओं ने एक स्थानीय होटल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मीडियाकर्मियों को नोटों से भरे लिफाफे थमाये.

शुरू में भाजपा के नेताओं ने रिश्वत देने के आरोपों से इंकार किया. लेकिन प्रेस कांफ्रेंस से जुड़ा एक वीडियो फुटेज, जिसमें पार्टी के नेताओं को प्रेस कांफ्रेंस कवर करने आये पत्रकारों को सफ़ेद रंग के लिफाफे बांटते देखा जा रहा है, सोशल मीडिया में लीक कर दिया गया.

लेह प्रेस क्लब के सदस्यों के साथ – साथ लद्दाख संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रिगज़िन स्पाल्बर द्वारा इस मुद्दे को जोर – शोर से उठाये जाने के बाद जिला प्रशासन द्वारा की गयी प्रथम दृष्टया जांच में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की बात सामने आई और मामले को जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया.

न्यायालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया, “जिला निर्वाचन अधिकारी / उपायुक्त लेह ने पत्र सं Elec-HLok Sabha/20191703; दिनांक 05-05-2019 के माध्यम से शिकायतों और जांच का उल्लेख करते हुए आदर्श आचार संहिता और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला एसएसपी लेह के संज्ञान में कानून के तहत कार्रवाई के लिए लाया. प्रस्तुत आवेदन को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाता है और लेह थाना के थाना प्रभारी को कानून के तहत मामले की जांच करने की अनुमति दी जाती है.”

उक्त आदेश में आगे कहा गया, “रिकॉर्ड में दर्ज दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के अवलोकन तथा विश्लेषण से प्रथम दृष्टया जन प्रतिनिधित्व की धारा 171 ई और 171 एफ के तहत गैर-संज्ञेय अपराधों का मामला नजर आता है और इसकी छानबीन की जरुरत है.”

इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों सर्वश्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती ने भाजपा नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. जबकि भाजपा ने रिश्वतखोरी के आरोप से इंकार किया है.

जम्मू – कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने कहा, “पत्रकारों को दिये गये लिफाफे में आमंत्रण पत्र था, न कि नकद. यह हमारी पार्टी के खिलाफ एक षड्यंत्र है. लेह प्रेस क्लब द्वारा की गयी शिकायत में मेरा नाम घसीटे जाने के खिलाफ मैं उनपर मानहानि का मुकदमा करूंगा.”
 

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