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द सिटिज़न ब्यूरो | 31 JANUARY, 2018

“ मुसलमान हमारे भाई हैं, हमारे खून” :बरेली के डीएम ने लीक से हटकर चलने का हौसला दिखाया

“ मुसलमान हमारे भाई हैं, हमारे खून” :बरेली के डीएम ने लीक से हटकर चलने का हौसला दिखाया


“ मुसलमान हमारे भाई हैं ... हमारे खून... हमारा डीएनए एक है... यह बात हम जितनी जल्दी समझ लें उतना बेहतर होगा हमारे राज्य और देश के लिए,” बरेली के जिला मजिस्ट्रेट राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा.

इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट लिखा, “अजब रिवाज़ बन गया है. मुसलमानों के मोहल्ले में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ. क्यों भाई, वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था. फिर पथराव हुआ, मुक़दमे लिखे गए...”

श्री सिंह ने यह भी लिखा, “ पाकिस्तान हमारा दुश्मन है. इसमें कोई संदेह नहीं. हमारे मुसलमान हमारे हैं. इसमें भी कोई संदेह नहीं.”

कासगंज की हिंसा की पृष्ठभूमि में यह एक महत्वपूर्ण पोस्ट था. वहां अभी भी तनाव और कर्फ्यू जारी है.

एक अन्य पोस्ट में श्री सिंह ने हैरानी जतायी कि “बड़े शत्रु” चीन के खिलाफ इस किस्म के नारे क्यों नहीं लगते. अपने पोस्ट में उन्होंने पूछा, “ चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं?”

अखबारों ने उक्त जिला मजिस्ट्रेट के हवाले से लिखा है, “ सतह पर बैठे इस किस्म के हुडदंगी समूह राज्य के प्रत्येक हिस्से में सामने आ रहे हैं. वे हर जगह राष्ट्रवाद के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के मोहल्लों में जबरदस्ती घुसकर उन्हें उकसाने का एक ही तरह का गंदा तरीका अपना रहे हैं. ऐसे लोगों को हमारी मिलीजुली संस्कृति और भाइचारे की भावना की जरा भी परवाह नहीं है.”

तथाकथित राष्ट्रवादियों द्वारा अब इस अधिकारी की बेहद निर्ममता से फ़जीहत की जा रही है.

इस किस्म की फ़जीहत के बाद श्री सिंह ने लिखा, “हमारी पोस्ट बरेली में कांवर यात्रा के दौरान आई Law n order ( कानून एवं व्यवस्था) की समस्या से सम्बंधित थी. I had hoped there will be academic discussion but unfortunately it had taken a different turn . Extremely sad .

( मैंने तो यह उम्मीद की थी कि इस पर एक गंभीर विमर्श होगा लेकिन इसने तो एक अलग ही रुख अख्यतियार कर लियाष बहुत ही दुखद है।) हम आपस में चर्चा इस लिए करते हैं कि हम बेहतर हो सकें . ऐसा लगता है कि इस से बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी .हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नही थी.संप्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक एवं नैतिक ज़िम्मेदारी है हम लोगों की . हमारे मुस्लिम हमारे भाई है .. हमारे ही रक्त .. DNA ( डीएनए)एक ही है हमारा .हमें उन्हे वापस लाना नही आया . इस पर फिर कभी … ज़ितनी जल्दी हम समझे उतना बेहतर है देश के लिए ,हमारे प्रदेश, हमारे जनपद के लिए . पाकिस्तान शत्रु है …इसमे कोई सन्देह नही . हमारे मुस्लिम हमारे हैं .. इसमे भी कोई संदेह नही . मैं चाहता हूँ यह विवाद खत्म हो . I do apologise if our friends न brothers r pained because of me.”( मैं अपने दोस्तों व भाईयों से माफी चाहूंगा जिन्हें मेरी वजह से तकलीफ हुई )
 

न्यूज़ सरोवर


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