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महेंद्र पाण्डेय | 1 DECEMBER, 2018

50 पौंड के वैज्ञानिक

महेंद्र पाण्डेय


हमारे देश में मुद्रा के आकार-प्रकार या इसपर छपे चित्रों के चुनाव में जनता की कोई भागीदारी नहीं होती. यहाँ मुद्रा सरकार अपनी मर्जी से चलाती है और अपनी सुविधा से बंद भी कर देती है. पर, ब्रिटेन में ऐसा नहीं होता – वहाँ मुद्रा या नोट पर किस शख्सियत का चित्र छपेगा, इसके लिए जनता से नाम आमंत्रित किये जाते हैं और फिर उन नामों में से शख्सियत का चुनाव किया जाता है.

यूरोपियन समुदाय से अलग होने के बाद ब्रिटेन में फिर से पौंड (ब्रिटेन की मुद्रा) के चर्चे जोर शोर से चल रहे हैं. यूरोपियन समुदाय के साथ रहने के समय यूरो का चलन अधिक था. ब्रिटेन के नोटों पर महारानी एलिज़ाबेथ का चित्र छपा रहता है, इसके साथ ही पिछले कुछ वर्षों से किसी प्रसिद्ध हस्ती का चित्र भी अंकित होने लगा है. इस हस्ती का चुनाव जनता द्वारा नामांकन के आधार पर किया जाता है. ब्रिटेन में मुद्रा छपने का काम बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के हवाले है.

ब्रिटेन में 50 पौंड का नोट हमेशा चर्चा में रहता है. माना जाता है कि इस नोट का उपयोग सामान्य जनता कम ही करती है जबकि अपराधियों, कालाबाजारी करने वालों या आर्थिक अपराध करने वाले इसका अधिक इस्तेमाल करते हैं. पिछले वर्ष बैंक ऑफ़ इंग्लैंड में 50 पौंड के नोट को बंद करने से सम्बंधित अनेक उच्च-स्तरीय बैठकें भी हुईं थीं, पर अंत में इसे फिलहाल नहीं बंद करने का निर्णय लिया गया है.

वर्तमान में जो 50 पौंड का नोट चलन में है उसपर भाप इंजन के आविष्कारक जेम्स वाट का चित्र है, यह नोट वर्ष 2011 से चलन में है. इस समय इसके लगभग 33 करोड़ नोट चलन में हैं जिनका सम्मिलित मूल्य 16.5 अरब पौंड है. अक्टूबर में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने पुराने ५० पौंड के नोटों के बदले नए नोट छापने का निर्णय लिया. नए नोट प्लास्टिक के होंगे, जिससे ये अधिक दिनों तक खराब न हों. इसके साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि इसपर एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, जो ब्रिटेन का हो और ब्रिटेन में विज्ञान का स्तर बढ़ाने में सहायक रहा हो, का चित्र छपा होगा. वैज्ञानिक के साथ स्वर्गीय भी लगा हो, यह भी एक महत्वपूर्ण तथ्य है.

हमारे देश में नोट से सम्बंधित हरेक निर्णय जनता से दूर रहते हैं, केवल सरकार और रिज़र्व बैंक ही इसके बारे में जानते हैं. इसके विपरीत 50 पौंड के नोट बंद होना चाहिये या नहीं इसमें भी जनता से राय माँगी गयी थी. बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने वैज्ञानिक के चयन के लिए भी जनता को ही भागीदार बनाया और 1 नवम्बर को बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर मार्क कार्नी ने लन्दन के साइंस म्यूजियम में जनता से इसके लिए नाम सुझाने का आग्रह किया. जनता 14 दिसम्बर तक वैज्ञानिकों के नाम बैंक के पास भेज सकती है.

27 नवम्बर तक बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के पास लगभग 174112 नामांकन पहुँच चुके थे, जिसमें से 114000 पूरी तरह से वैध थे. बैंक ने इसमें से लगभग 800 नामों को शौर्ट-लिस्ट किया जिसमें 600 नाम पुरुष वैज्ञानिकों के और 200 नाम महिला वैज्ञानिकों के हैं. इन नामों में सबसे अग्रणी नाम स्टेफन हाकिंग का है. महिलाओं में सबसे अग्रणी नाम रसायन शास्त्र में नोबेल प्राइज से सम्मानित डोरोथी होज्किन का है.

इस सूची में सबसे हैरान करने वाला नाम ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री और आयरन लेडी के नाम से विख्यात मार्गरेट थैचर का भी है. कम लोग ही जानते होंगे कि थैचर प्रधानमंत्री बनाने से पहले रसायन शास्त्र में वैज्ञानिक थीं और स्पष्ट प्रमाण तो नहीं हैं फिर भी उन्हें सॉफ्ट आइसक्रीम का आविष्कारक माना जाता है. ब्रिटेन में विशेषज्ञों का मानना है कि थैचर का नाम बहुत आगे तक नहीं जाएगा, फिर भी उन्हें वैज्ञानिक के तौर पर लोगों ने जाना, यही बड़ी कामयाबी है.

जिन नामों को स्क्रूटिनी के बाद शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख हैं – पेंसिलीन के आविष्कारक अलेक्सेंडर फ्लेमिंग, रोग विज्ञान के पितामह जॉन स्नो, प्रकृति वैज्ञानिक गेराल्ड डुरेल, जीवाष्म विज्ञानी मैरी अनिंग, नर्सिंग विशेषग्य मैरी सीकोले, पार्टिकल फिजिक्स वैज्ञानिक साइमन सिंह, डीएनए के आविष्कार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रोसालिंग फ्रैंकलिन, एस्ट्रोनोमर पैट्रिक मूर, टेलीफोन के आविष्कारक अलेक्सेंडर ग्राहम बेल और कंप्यूटिंग वैज्ञानिक एलन टूरिंग और अदा लोवेंस.

ब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों से साहित्य, संस्कृति या दूसरे क्षेत्रों में महान योगदान देने वाले लोगों के चित्र नोटों पर प्रकाशित कर उन्हें याद करने का अनूठा प्रयास किया जा रहा है. इस समय के 20 पौंड के नोट पर आर्टिस्ट जे एम डब्लू टर्नर का चित्र है, और वर्ष 2020 के बाद इसपर अर्थशास्त्री आडम स्मिथ की तस्वीर होगी. दूसरी तरफ 10 पौंड के नोट पर प्रसिद्ध लेखिका जेन ऑस्टीन की तस्वीर है.

नोटों पर महान लोगों के चित्र छापने से इतना तो स्पष्ट है कि किसी महान व्यक्ति के काम की इज्जत केवल डाक टिकट या फिर जैसा अपने देश में होता है, मूर्तियाँ खडी कर, ही नहीं की जा सकती है. दूसरी तरफ जनता की भागीदारी हरेक काम में हो सकती है, भले ही वह नोटों का मामला ही क्यों न हो. ब्रिटेन के अधिकतर लोग चाहते हैं कि इस बार नोट पर महिला वैज्ञानिक की तस्वीर हो.
 

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